लाडनूँ, 14 जनवरी 2026। संस्थान के शिक्षा विभाग में मकर संक्रांति पर्व पर एक सांस्कृतिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष प्रो. बी.एल. जैन ने मकर संक्रांति पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह पर्व सूर्य के उत्तरायण होने का प्रतीक है, जो जीवन में अंधकार से प्रकाश की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देता है। मकर संक्रांति का पर्व त्याग, संयम, परस्पर सद्भाव एवं सामाजिक समरसता का संदेश देता है तथा भारतीय संस्कृति की वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक सोच को दर्शाता है। डॉ. आभा सिंह ने मकर संक्रांति को भारतीय ज्ञान परंपरा, प्रकृति एवं मानव जीवन के संतुलन से जोड़ते हुए इसे सकारात्मक ऊर्जा और नवचेतना का पर्व बताया। कार्यक्रम में छात्राओं निकिता स्वामी, मुस्कान एवं मानसी ने अपने विचारों एवं प्रस्तुतियों के माध्यम से पर्व की सामाजिक, सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों से जुड़ी विशेषताओं को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ करे हुए समन्वयक डॉ. गिरधारी लाल शर्मा ने मकर संक्रांति के सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला। समन्वयक डॉ. शर्मा ने अंत में आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में शिक्षा संकाय सदस्य डॉ. अमिता जैन, डॉ. देवीलाल कुमावत, डॉ. गिरिराज भोजक, स्नेहा शर्मा तथा समस्त विद्यार्थी उपस्थित रहे।




