छात्राओं ने जरूरतमंदों की सहायतार्थ घर-घर जाकर एकत्रित किए ऊनी कपड़े
लाडनूँ, 22 दिसम्बर 2025। संस्थान के शिक्षा विभाग की छात्राओं ने समाजसेवा की मिसाल पेश करते हुए गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए 22 दिसम्बर को घर-घर जाकर ऊनी कपड़े एवं अन्य वस्त्र एकत्रित किए। इस मानवीय पहल का उद्देश्य सर्दी के मौसम में असहाय लोगों को राहत प्रदान करना है। छात्राओं ने स्थानीय नागरिकों से संपर्क कर स्वेच्छा से दिए गए ऊनी कपड़े, कंबल एवं वस्त्र संग्रहित किए। इस दौरान लोगों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग करते हुए छात्राओं के इस प्रयास की सराहना की। एकत्रित किए गए कपड़े शीघ्र ही जरूरतमंद परिवारों तक वितरित किए जाएंगे। शिक्षा विभाग की व्याख्याता डॉ. आभा सिंह के मार्गदर्शक में यह सेवा कार्य किया गया। विभागाध्यक्ष प्रो. बनवारी लाल जैन ने छात्राओं के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व, करुणा और सेवा भाव का विकास करती हैं। छात्राओं ने भी भविष्य में इस तरह के सेवा कार्य निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया। यह अभियान न केवल जरूरतमंदों के लिए सहायक सिद्ध होगा, बल्कि समाज में आपसी सहयोग और मानवीय संवेदनाओं को भी मजबूत करेगा।
एनएसएस की स्वयंसेविकाओं ने किया सेवा कार्य और बांटने जरूरतमंदों को गर्म कपड़े
संस्थान की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की स्वयं सेविकाओं एवं शिक्षा विभाग की छात्राध्यापिकाओं ने मिलकर लाडनूं शहर के विभिन्न स्थानों पर पहुंच कर सेवाकार्य करते हुए जरूरतमंदों को गर्म कपड़ों का वितरण किया। अपने सेवा कार्यक्रम के अंतर्गत उन्होंने मूक-बधिर बच्चों के विद्यालय में जाकर यूनिवर्सिटी की ओर से मूंगफली व गुड़ वितरित किए, जिससे बच्चे उत्साहित नजर आए। उन्होंने एक सरकारी विद्यालय में अध्ययनरत निर्धन बालिकाओं को सर्दी से बचाव के लिए उन्हें गर्म वस्त्र प्रदान किए। यह सारा कार्यक्रम डॉ. आभा सिंह के निर्देशन में संपन्न हुआ। इस अवसर पर डॉ. आभा सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना के माध्यम से छात्राओं में समाज सेवा, संवेदनशीलता एवं मानवीय मूल्यों का विकास होता है। उन्होंने सभी स्वयंसेविकाओं और सहयोगियों की सराहना की। कार्यक्रम के अंत में छात्राध्यापिकाओं ने भविष्य में भी इस प्रकार के सामाजिक सेवा कार्य निरंतर करने का संकल्प व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डॉ. देवीलाल कुमावत एवं खुशाल जांगिड़ ने छात्रा अध्यापिकाओं के साथ मिलकर सक्रिय सहयोग किया।



