आत्मविश्वास, उत्साह और सक्रिय सहभागिता में अग्रणी बनें
लाडनूँ, 26 फरवरी 2026। संस्थान में त्रि-दिवसीय वार्षिक सांस्कृतिक प्रतियोगिता ‘संस्कृति संगम- 2026’ का आयोजन समारोह पूर्वक किया गया। प्रतियोगिताओं के उद्घाटन सत्र का आरंभ विद्यार्थी तमन्ना तंवर द्वारा प्रस्तुत नवकार स्तुति पर भावपूर्ण नृत्य के साथ किया गया। उद्घाटन सत्र की मुख्य अतिथि एम. एस. घोड़ावत हॉस्पिटल की डायरेक्टर श्रीमती मंजू घोड़ावत थी। अन्य अतिथियों में विश्वविद्यालय के कुलसचिव देवाशिष गोस्वामी, राजस्थानी भाषा एवं साहित्य विभागाध्यक्ष प्रो. एल. के. व्यास, अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रो. रेखा तिवाड़ी तथा शिक्षा विभागाध्यक्ष प्रो. बी. एल. जैन थे। अतिथियों के स्वागत के बाद सांस्कृतिक सचिव सुश्री स्नेहा शर्मा ने स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत किया। उद्घाटन सत्र में वक्ताओं ने विद्यार्थियों को आत्मविश्वास, उत्साह और सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि सांस्कृतिक प्रतियोगिताएँ न केवल अभिव्यक्ति-कौशल और नेतृत्व क्षमता को सशक्त बनाती हैं, बल्कि रचनात्मकता, विचार-विमर्श और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के लिए सशक्त मंच भी प्रदान करती हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. लिपि जैन ने किया। अंत में आभार ज्ञापन श्रीमती ईर्या जैन द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर विभिन्न विभागाध्यक्षों, निर्णायक मंडल, संकाय सदस्यों एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही।
वाद-विवाद, सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी और आशु भाषण प्रतियोगिता का आयोजन
सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं के प्रथम दिवस 26 फरवरी को तीन प्रमुख प्रतियोगिताओं वाद-विवाद प्रतियोगिता, सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता और आशु भाषण (एक्सटेम्पोर) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। वाद-विवाद प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने विषय-चयन, तार्किक प्रस्तुति एवं समसामयिक दृष्टिकोण के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिताओं के निर्णायकों में साहित्यकार कालीप्रसाद शर्मा, सोना देवी सेठिया महाविद्यालय के दर्शन विभाग की सहायक आचार्या डॉ. मेघना सोनी, वक्तृत्व कला के धनी हर्षवर्धन नांदू शामिल रहे। सामान्य ज्ञान प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता बहु-चरणीय रही, जिसमें ब्रेन बूस्टर, बजर राउंड, रैपिड फायर तथा विजुअल राउंड शामिल थे। इस प्रतियोगिता का आयोजन सहायक आचार्य खुशाल जांगिड़ व विनय पंवार द्वारा किया गया। आशु भाषण प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। प्रतिभागियों ने आत्मविश्वास, समय का महत्व, कॉलेज जीवन, पर्यावरण संकट, ए.आई. का भविष्य, परिवार का महत्व, एकता में शक्ति तथा प्लास्टिक फ्री इंडिया जैसे समसामयिक विषयों पर प्रभावशाली वक्तव्य प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता के निर्णायकों में आचार्य कालू कन्या महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रवींद्र सिंह राठौड़, शिक्षा विभाग की सह आचार्या डॉ. अमिता जैन एवं अहिंसा एवं शांति विभाग की सह आचार्य आकांक्षा वैष्णव थी।
द्वितीय दिवस एकल नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन
‘संस्कृति संगम- 2026’ के द्वितीय दिवस 27 फरवरी को आयोजित एकल नृत्य प्रतियोगिता में 49 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। प्रतिभागियों ने क्लासिकल, सेमी-क्लासिकल, राजस्थानी लोक-आधारित एवं विविध समसामयिक थीम्स पर आधारित नृत्य प्रस्तुतियाँ देकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। प्रस्तुतियों में भाव-अभिनय, ताल-लय, वेशभूषा तथा मंच-सज्जा की प्रभावी झलक देखने को मिली। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में श्रीमती हेम कंवर, नवरत्न पारीक तथा संदीप जोशी शामिल रहे। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की नृत्य-तकनीक, कलात्मक अभिव्यक्ति एवं आत्मविश्वास की सराहना करते हुए ऐसी गतिविधियों को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक बताया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. लिपि जैन द्वारा किया गया। अंत में संस्कृतिक सचिव सुश्री स्नेहा शर्मा द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया।




