योग-ध्यान, रन फाॅर स्वदेशी व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित
लाडनूँ, 12 जनवरी 2026। संस्थान में कुलपति प्रो. बच्छराज दूगड़ के मार्गदर्शन एवं संरक्षण में राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना, एनसीसी, सांस्कृतिक समिति तथा खेल समिति के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय युवा दिवस ‘युवाओं की उड़ान: सपनो का आह्वान’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के आरंभ में विद्यार्थियों को योग व ध्यान करवाया गया, तत्पश्चात ‘रन फॉर स्वदेशी’ अभियान के अंतर्गत दौड़ का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य समाज में स्वदेशी चेतना, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता तथा युवाओं में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना रहा। दौड़ में भाग लेने वाले युवाओं को शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. बी.एल.जैन व खेल सचिव डॉ बलबीर सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जो शहर की चैथी पट्टी, ऋषभ द्वार, भैया बगीची, मंगलम हॉस्पिटल, पहली पट्टी मार्ग से होते हुए संपन्न हुई ।
इस अवसर पर आयोजित सांकृतिक कार्यक्रम में सहायक आचार्य डॉ. लिपि जैन ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति हैं और यदि वे सही दिशा में अपनी ऊर्जा का उपयोग करें, तो समाज और राष्ट्र को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकते हैं। नारी सशक्तिकरण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि नारी महिला सशक्तिकरण की सबसे मजबूत नींव शिक्षा है। शिक्षित महिला न केवल अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होती है, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी सही दिशा प्रदान करती है। इसके साथ ही आर्थिक आत्मनिर्भरता महिलाओं को आत्मविश्वास और सम्मान देती है। इस अवसर पर वाद-विवाद प्रतियोगिता एवं शॉर्ट फिल्म/रील प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। “स्वतंत्रता बनाम जिम्मेदारी: क्या युवा संतुलन बना पा रहे हैं?” विषय पर आयोजित वाद-विवाद प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने सामाजिक, नैतिक एवं समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में पलक टाक, मीनाक्षी बाफना, मनीष स्वामी, श्वेता, प्रीति, सुनीता चैधरी, मोनिका, तेजस्विनी, जीनत, संगीता ने भाग लिया। शॉर्ट फिल्म/रील प्रतियोगिता में युवाओं ने रचनात्मकता के माध्यम से संस्थान के नैतिक मूल्यों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में प्रो. रेखा तिवारी, प्रो. बी. एल. जैन, प्राचार्य डॉ. रविन्द्र सिंह , डॉ. बलबीर सिंह , डॉ अमिता जैन, डॉ. आभा सिंह उपस्थित रहे और अपने विचारों से युवाओं को प्रेरित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं निर्णायकगण डॉ. प्रगति चैरड़ियार्, अभिषेक चारण, खुशाल जांगिड़, विरोश सिंह रहे। प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन छात्रा रश्मि एवं आयुश्री ने किया। कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक समिति सचिव सुश्री स्नेहा शर्मा ने “युवाओं की उड़ानः सपनों का आह्वान” विषय पर अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत का स्वप्न तभी साकार होगा, जब युवाओं में स्वदेशी और आत्मनिर्भरता की भावना बलवती होगी और जिसकी शुरुआत आत्मविश्वास से होती है। अंत मे सांस्कृतिक समिति की सदस्य श्रीमती ईर्या जैन ने आभार ज्ञापित करते हुए स्वामी विवेकानंद के आदर्शों- आत्मबल, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा के मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में संस्थान के सभी शिक्षक तथा विद्यार्थी उपस्थित रहे।




