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‘‘कोविड 19 की परिस्थिति में महिलाओं की भूमिका’’ पर एक दिवसीय ऑनलाइन वेबिनार आयोजित

‘‘कोविड 19 की परिस्थिति में महिलाओं की भूमिका’’ पर एक दिवसीय ऑनलाइन वेबिनार आयोजित

परिवार की आर्थिक मजबूती और कठिन परिस्थिति में धैर्य प्रदान करती है महिलायें- सुमन शर्मा

लाडनूँ,13 जुलाई 2020। जैन विश्व भारती संस्थान (मान्य विश्वविद्यालय) के समाज कार्य विभाग के तत्वावधान में ‘‘कोविड 19 की परिस्थिति में महिलाओं की भूमिका’’ विषय पर एक दिवसीय ऑनलाइन वेबीनार का आयोजन कुलपति प्रो. बीआर दूगड़ की प्रेरणा से किया गया। है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान महिला आयोग की पूर्व अध्यक्षा सुमन शर्मा में अपने वक्तव्य में कहा कि महिला बहु-आयामी कार्य कर रही हैं। वे समाज को तथा परिवार को अवसाद से बचा रही है। स्वास्थ्य कार्यकर्ता के रूप में विशिष्ट भूमिका निभा रही है। वे इस कठिन परिस्थिति में भी धैर्य प्रदान करने के कार्य को बखूबी निभा रही है। आर्थिक रूप से परिवार को मजबूत बनाने का दायित्व भी महिलायें ही पूरा कर रही हैं। आज केाविड-19 महामारी के दौर में भी महिलाओं की भूमिका विशिष्ट तथा सराहनीय है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में स्योजिराव विश्वविद्यालय के प्रो. एम.एन. परमार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थिति में महिलाओं की भूमिका अत्यन्त महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कंपैशन, कोलोबोरेशन तथा कमिटमेंट के माध्यम से महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि महिलाओं की निःस्वार्थ सेवा एवं निर्णय क्षमता के हम सब आभारी हैं। कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के संस्कृत विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. प्रभावती चैधरी ने कहा कि गृहिणी ही घर है। महिला को भोजन में अंकुरित अनाज का प्रयोग तथा जीवन में योग तथा संगीत का प्रयोग करना चाहिए तथा काम में सबका सहयोग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं का समाज में स्वतंत्र अस्तित्व है, कफर भी वे सबको सहयोग लेकर ही सामाजिक एकता का परिचय देती है। कार्यक्रम के प्रारम्भ में विभागाध्यक्ष डाॅ. बिजेन्द्र प्रधान ने विषय का प्रवर्तन किया एवं अतिथियों का परिचय प्रसतुत किया। अंत में डॉ. पुष्पा मिश्रा ने आभार ज्ञापन किया तथा कार्यक्रम का संचालन डॉ .विकास शर्मा ने किया। तकनीकी सहयोग मोहन सियोल का रहा।

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